क्लिनिकेस कॉन्क्लेव 2026: रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में क्लिनिकल उत्कृष्टता की प्रेरक पहल

रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में क्लिनिकेस कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन शैक्षणिक उत्साह और क्लिनिकल जिज्ञासा के सजीव वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम IMA MSN RMCH Unit के सहयोग से आयोजित एक गतिशील क्लिनिकल केस प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता थी, जिसका उद्देश्य भावी चिकित्सकों में डायग्नोस्टिक रीजनिंग को प्रोत्साहित करना, अकादमिक चर्चा को सुदृढ़ बनाना तथा क्लिनिकल कौशल को परिष्कृत करना था।

इस कॉन्क्लेव में स्नातक मेडिकल विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विविध एवं बौद्धिक रूप से प्रेरक क्लिनिकल केस प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में साक्ष्य-आधारित विश्लेषण, सुव्यवस्थित केस प्रस्तुति तथा तार्किक चिंतन पर विशेष बल दिया गया, जो चिकित्सा शिक्षा के मूल स्तंभ हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. रजनीश पठानिया (डीन, आरएमसीएच एवं चेयरमैन, IMA MSN RMCH), डॉ. शरद सेठ (विभागाध्यक्ष, सर्जरी) तथा डॉ. अर्जुन अग्रवाल (विभागाध्यक्ष, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों में उन्होंने प्रारंभिक क्लिनिकल अनुभव और विश्लेषणात्मक अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला, जो एक सक्षम एवं दक्ष चिकित्सक के निर्माण में सहायक होते हैं।

निर्णायक मंडल में डॉ. सुजॉय मुखर्जी एवं डॉ. ऋषि कुमार सैनी शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनके क्लिनिकल दृष्टिकोण, विषय की गहराई, निदान की सटीकता तथा प्रस्तुति कौशल के आधार पर किया। IMA MSN RMCH यूनिट के सलाहकार — डॉ. सुजॉय मुखर्जी, डॉ. रश्मि कत्याल एवं डॉ. इरम शैफाली — ने पूरे आयोजन के दौरान शैक्षणिक मार्गदर्शन और मेंटरशिप प्रदान की।

विजेता प्रतिभागी:

प्रथम पुरस्कार: अन्वेशा तामांग, विदुषी सुनेजा, अंजली त्यागी (2023 बैच)

द्वितीय पुरस्कार: अर्नव मिश्रा, स्वाति पांडेय (2023 बैच)

तृतीय पुरस्कार: ऐश्वर्या आनंद (2022 बैच)

इस कार्यक्रम का सफल संचालन IMA MSN RMCH यूनिट की समर्पित टीम — स्वर्णावो सेन, शिवम त्रिवेदी, संस्कार चौरासीया, जीत पटेल, देबाशीष चक्रवर्ती, ऋतिका पाल, जयंतिका निगम, यशिका गुप्ता, आयुष कुमार सिंह, अभिनव, आरोशी माहेश्वरी एवं आयुषी यादव — द्वारा किया गया।

क्लिनिकेस कॉन्क्लेव 2026, आरएमसीएच की शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के चिकित्सा ज्ञान को समृद्ध करने के साथ-साथ उनके क्लिनिकल कौशल, आत्मविश्वास और विश्लेषणात्मक क्षमता को भी नई दिशा दी — जिससे वे भविष्य में कुशल, सक्षम और संवेदनशील चिकित्सक बन सकें।

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