आईएपी ओआरएस सप्ताह पर रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

आईएपी (इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स) ओआरएस सप्ताह के अवसर पर दिनांक 27.06.2026 को रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बरेली के शिशु रोग विभाग द्वारा दस्त (डायरिया) से बचाव, समय पर पहचान तथा उसके सही उपचार के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में दस्त से होने वाली गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु दर को कम करना तथा अभिभावकों को वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपचार के प्रति जागरूक बनाना था.
कार्यक्रम के दौरान शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति लता राय ने इस विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि दस्त बच्चों में होने वाली एक सामान्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसका समय पर उपचार न होने पर शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में समय पर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जिंक का उपयोग बच्चों को गंभीर स्थिति में जाने से बचा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि दस्त होने पर घबराने के बजाय तुरंत ओआरएस देना शुरू करें तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।
कार्यक्रम में शिशु रोग विशेषज्ञों ने अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों को ओआरएस और जिंक के समय पर उपयोग, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देने, शिशुओं में स्तनपान निरंतर जारी रखने तथा स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर हाथों की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल का उपयोग, साफ-सुथरा भोजन, शौचालय का उचित प्रयोग तथा व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन सरल उपायों को अपनाकर दस्त जैसी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है.
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को ओआरएस घोल तैयार करने एवं सही तरीके से पिलाने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया तथा उनसे अपील की गई कि बच्चों में दस्त के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में यह संदेश पहुँचाना था कि दस्त का समय पर और सही उपचार करके बच्चों के जीवन की रक्षा की जा सकती है। जागरूकता, स्वच्छता, उचित पोषण तथा ओआरएस एवं जिंक का समय पर उपयोग बच्चों को दस्त से होने वाली गंभीर जटिलताओं से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
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