रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में ‘विजीलर्न 2026’ का आयोजन; दवाओं व मेडिकल उपकरणों की सुरक्षा पर हुआ मंथन

बरेली, 25 जुलाई 2026
रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (RMCH) के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा शनिवार को ‘विजीलर्न 2026‘ यूपी-यूके स्टेट सीएमई (निरंतर चिकित्सा शिक्षा) का सफल आयोजन किया गया। इस राज्य स्तरीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों के बीच फार्माकोविजिलेंस, मैटेरियोविजिलेंस (चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा), प्रतिकूल औषधि प्रभाव (ADR) रिपोर्टिंग और मरीज सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. केशव कुमार अग्रवाल, कुलपति डॉ. लता अग्रवाल, रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रजनीश पठानिया, प्रोफेसर डॉ. शालिनी चंद्रा एवं डॉ. अंजु सक्सेना ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से आए लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें स्नातक (MBBS) छात्र, परास्नातक (MD/MS) रेजिडेंट्स और वरिष्ठ प्रोफेसर शामिल रहे।
क्विज और ई-पोस्टर में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अंतर-कॉलेज फार्माकोलॉजी क्विज और ई-पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रदेश भर के भावी डॉक्टरों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी शोध क्षमता का प्रदर्शन किया। इसमें रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉ. आसिफ अंसारी, लक्षिता अग्रवाल, अंशुल चहल, अविशी दुबे, अल आइमन, आदित्य पांडे, चेताली गुप्ता एवं चंद्रलेखा शास्त्री ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अर्जित किया।
दवाओं के दुष्प्रभावों की रिपोर्टिंग जरूरी: कुलाधिपति
समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. केशव कुमार अग्रवाल ने कहा कि मरीज सुरक्षा और दवाओं का तर्कसंगत उपयोग किसी भी बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से अपील की कि वे मरीजों के इलाज के दौरान दवाओं या मेडिकल डिवाइस से होने वाले किसी भी विपरीत प्रभाव (साइड इफेक्ट) को दर्ज और रिपोर्ट करने की आदत डालें।
वहीं, कुलपति डॉ. लता अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और नए नियमों से अपडेट रहने के लिए ऐसे सीएमई कार्यक्रमों का आयोजन बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों से सम्मेलन में सीखे गए सिद्धांतों को अपने दैनिक अभ्यास में लागू करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में वैलेडिक्टरी समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें क्विज एवं ई-पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजन समिति ने कॉलेज प्रबंधन, अतिथियों, वक्ताओं और विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. नितेश मोहन, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. सुजाता सिंह, डॉ. रश्मि कत्याल, डॉ. शशिकांत वर्मा, डॉ. इरम शेफाली, डॉ. नसरा बानो, डॉ. पूजा अग्रवाल, डॉ. मणिकंठा, डॉ. अमन अग्रवाल, डॉ. विजेंद्र सिंह, डॉ. सरवेन्द्र, डॉ. अमरनाथ चौधरी, डॉ. देवांश गौतम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तसलीम खान एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
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